अस्सी के दशक के मध्य तक एक राष्ट्रीय नेटवर्क की स्थापना करने का सरकार ने लक्ष्य बनाया, जिस नेटवर्क के जरिये सभी प्रमुख जिला केंद्रों और प्रदेश की राजधानियों को आपस में जोड़ा जा सके। इसे विकास और प्रशासन से संबंधित सूचनाओं का विशाल आधार बनना था। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए नेशनल इंफोर्मेटिक्स सेंटर ;छप्ब्द्ध की स्थापना की गई। हालांकि इस सेंटर की स्थापना सत्तर के दशक के मध्य में प्रशासन के कंप्यूटरीकरण के लिए हुई थी, लेकिन अस्सी में कृत्रिम उपग्रह से जुड़े हुए निकनेट नामक नेटवर्क के उद्घाटन के बाद ही यह कारगर हो पाया।
आज निकनेट देश का सबसे बड़ा सूचना नेटवर्क है। यह जिलों, राज्यों और राष्ट्र के केंद्रों को आपस में जोड़ता है। इसमें समाजविज्ञानों, चिकित्साविज्ञान और कानून संबंधी आंकड़ों का विशाल भंडार समाया हुआ है। यह नेटवर्क देश के सभी शोध संस्थानों के साथ भी संबंध रखता है। अपने-मेल नेटवर्क पर इन सभी केंद्रों के साथ-साथ निकनेट प्रयोक्ताओं को इंटरनेट और वेब की सुविधाए भी मुहैया कराता है। देश के अन्य राजकीय नेटवर्क एरनेट ;एजुकेशनल एंड रिसर्च कम्युनिकेशन नेटवर्क को भी पीछे छोड़ चुके निकनेट की सार्वजनिक उपस्थिति अब आसानी से देखी जा सकती है। निकनेट का मतलब प्रशासन और शिक्षा के क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा कंप्यूटरों का होना ही नहीं है। वह तो सत्ता की पूरी प्रौधोगिकी को ही बदल देना चाहता है। इसीलिए वह सार्वजनिक मंच पर ख़ुद को बड़े आक्रामक ढंग से पेश करता है। दरअसल, निकनेट अस्सी के दशक के आखिरी वर्षों से ही राजकीय साइबर-समुदाय बनाने की कोशिश में लगा हुआ है। इसके लिए वह जगह-जगह नियमित रूप से नेटवर्किंग, ई-मेल और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आमतौर से सरकारी संगठन इस तरह से काम करते हुए नहीं दिखते। इसी रवैये के कारण निकनेट को उन सरकारी संगठनों के साथ टकराव की स्थितियों का सामना भी करना पड़ता है जो अभी तक पुराने नौकरशाही केंद्रित नियंत्रण के पक्ष में है। निकनेट का संचालन उन लोगों के हाथ में है जो समझ चुके है कि पुराने प्रशासनिक ढर्रे को नया रूप देना पड़ेगा क्योंकि जनता पर निगरानी रखने के पुराने तरीकों की उपयोगिता अब खत्म हो चुकी है।
निजी तौर पर निकनेट के प्रशासक नेटवर्को पर नियंत्रण करने के सभी प्रयासों को अस्वीकार करते है। उन्होंने साधारण नागरिकों के लिए कुछ आकाशीय मार्ग खोलने के लिए सार्वजनिक मुहिम भी चलायी है और अपने कुछ आकाशीय मार्ग खोल कर संचार पर पुराने किस्म की राजकीय पाबंदियों को खत्म करने की मिशाल पेश की है।
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1 comment:
welcome...prince.
welcome...
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