Monday, March 30, 2009

पटरी बाज़ार

दुनिया के हर देश में पटरी बाज़ारों की पुरानी परंपरा है, लेकिन हमारे देश की हर सरकार अमुमन इसके विरोध में रही हैं। इन बाजा़रो में हर तबके के लोग खरीदारी करने आते हैं और उन्हें यहां सस्ती चीजें मिलती है, पर आए दिन किसी न किसी बहाने सरकार पटरी बाजा़रों को कभी बंद कर देती है, तो कभी उनकी जगह बदल देती हैं। सरकार का तर्क होता है कि इनके चलते टैफिक अस्त-व्यस्त हो जाता है। परन्तु सचाई यह कि पटरी पर लगने वाली इन दुकानों से भारी राजस्व सरकार के खाते में जाता है और आम लोगों की जरूरत की हर चीज इन बाजा़रो से आसानी से मिल जाती है। इसलिए इनकी जरूरत से इनकार नहीं किया जा सकता।

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