Monday, March 30, 2009

बरी होते नेता

राजनेताओं पर अगर कोई केस दर्ज किया जाता है, तो कई वर्षो तक उनके खिलाफ मामले की सुनवाई चलती है और किसी न किसी कानूनी छिद्र का लाभ उठाकर वे बरी हो जाते हैं। कई बार ऐसा लगता है कि चूंकि ये लोग ही नियम- कानून बनाते हैं इसलिए उन्हें तोड़ना वे अपना जन्मसिद्ध अधिकार मानते हैं। नेताओं के खिलाफ चाहे कितने ही सबूत जूटा लिए जाएं, यहां तक की इनके भ्रष्ट कार्यों की वीडियों फिल्म भी तैयार करके अदालत में दिखा दी जाए तो भी इनका कुछ नहीं बिगड़ता, क्योंकि ये सिस्टम की कमजोरियों को बखूबी पहचानते है। यही वजह है कि घोटालों में लिप्त होने और उनका पर्दाफाश होने के बावजूद उनके चेहरे पर शिकन तक नहीं आती।

1 comment:

अजय कुमार said...

हिंदी ब्लाग लेखन के लिये स्वागत और बधाई । अन्य ब्लागों को भी पढ़ें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देने का कष्ट करें